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BSTC entrance examination 2015-16 @ Maharshi Dayanand Saraswati University, Ajmer

BSTC entrance examination 2015-16 @ Maharshi Dayanand Saraswati University, Ajmer
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर कराएगा बीएसटीसी (सामान्य और संस्कृत) प्रवेश पूर्व परीक्षा
BSTC for teacher training courses (general and Sanskrit) for the entrance examination 2015-16 Maharshi Dayanand Saraswati University, Ajmer has decided to conduct the.
Education Minister Education Minister Prof.. Vasudeva said the teacher training course for Devnani BSTC (general and Sanskrit) in the state of the entrance examination will be for 14,600 seats. Last year, close to 3 million in this test was to test candidates. He BSTC 265 colleges in the state. These are 32 public and 233 private Bistisi college.
Mr. Devnani Bistisi said the former teacher training course exam for all the seats will be given priority access to the first counseling. Non-reporting of the candidates is the upward movement of the seats remain vacant after the second entry will be counseling. Thereafter, there will be no counseling. The SC, ST And female candidates for admission into state institutions, the total amount of fees payable to them by the nodal agency of the amount of the tuition fees also are instructed to not charging 9 thousand.
The Minister for Education teacher training courses Bistisi (general and Sanskrit) across the counseling process until June 15, 2015 have completed the necessary entrance examination conducted in the entrance examination to complete the formal processes bound to any rules Classes in Surat started July 1 are instructed to conduct. The successful conduct of the examinations be made effective at various levels, from the University Counseling website to publish details of the former teacher training institutions, transparency in examinations Snnbdit officials have given instructions to follow completely.
The earlier Jai Narayan Vyas University, Jodhpur and Mohanlal Sukadiyha University, Udaipur was the responsibility of the nodal agency for these exams. The time selected for examination Maharshi Dayanand Saraswati University, Ajmer nearly 3 million students currently enrolled in a university and have the experience to make Pitiiti examinations conducted 5 times. In view of this, only this time it was decided to hold the examinations conducted by the University.

महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर कराएगा बीएसटीसी (सामान्य और संस्कृत) प्रवेश पूर्व परीक्षा
जयपुर, 22 जनवरी। सेवापूर्व शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम हेतु बीएसटीसी (सामान्य और संस्कृत) की प्रवेश परीक्षा वर्ष 2015-16 के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर द्वारा करवाए जाने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षा राज्य मंत्री शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी ने बताया कि सेवापूर्व शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम हेतु बीएसटीसी (सामान्य और संस्कृत) की प्रवेश परीक्षा प्रदेश में उपलब्ध 14600 सीटों के लिए की जाएगी। पिछले वर्ष इस परीक्षा में 3 लाख के करीब अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।  उन्होंने बताया कि प्रदेश में 265 बीएसटीसी कॉलेज हैं। इनमें 32 सरकारी तथा 233 निजी बीएसटीसी कॉलेज हैं।
श्री देवनानी ने बताया कि सेवापूर्व शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम हेतु बीएसटीसी प्रवेश पूर्व परीक्षा की सभी निर्धारित सीटों पर वरीयता के आधार पर प्रथम काउन्सलिंग में प्रवेश दिया जायेगा। यदि अभ्यर्थियों की नॉन-रिपोर्टिंग के कारण सीटें रिक्त रह जाती है तब अपवर्ड मूवमेंट के पश्चात द्वितीय काउन्सलिंग से प्रवेश दिया जायेगा। इसके पश्चात कोई काउन्सलिंग नहीं की जाएगी। उन्होंने एस.सी., एस.टी. एवं महिला अभ्यर्थियों को राजकीय संस्थानों में प्रवेश देते समय नोडल एजेन्सी द्वारा उनसे देय फीस की कुल राशि में से शिक्षण शुल्क की राशि 9 हजार रूपये वसूल नहीं करने के भी निर्देश दिए हैं।
शिक्षा राज्य मंत्री ने सेवापूर्व शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम हेतु बीएसटीसी (सामान्य और संस्कृत) की काउन्सलिंग की समस्त प्रक्रिया 15 जून 2015 तक आवश्यक रूप से पूर्ण कर लेने के साथ ही प्रवेश परीक्षा में प्रवेश और परीक्षा आयोजन की औपचारिक प्रक्रियाओं को नियमानुसार समयबद्घ पूर्ण कर किसी भी सूरत में 1 जुलाई से शैक्षणिक कार्य प्रारंभ करवाए जाने के लिए निर्देश दिए हैं। उन्होंने परीक्षाओं के सफलतम आयोजन के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रभावी प्रयास किए जाने, विश्वविद्यालय द्वारा काउन्सलिंग से पूर्व शिक्षक प्रशिक्षण संस्थाओं का संपूर्ण विवरण वेबसाईट पर प्रकाशित करने, परीक्षाओं में पारदर्शिता का पूर्णरूप से पालन करने के निर्देश संंबधित अधिकारियों को दिए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर और मोहनलाल सुखाडिय़ा विश्वविद्यालय, उदयपुर को इन परीक्षाओं के लिए नोडल एजेन्सी का दायित्व दिया गया था। इस बार की परीक्षा के लिए चयनित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में इस समय लगभग 3 लाख विद्यार्थी पंजीकृत है और विश्वविद्यालय को पीटीईटी परीक्षाएं 5 बार आयोजित करवाने का अनुभव भी है। इसे देखते हुए ही इस बार की परीक्षाएं विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कराने का निर्णय लिया गया है।

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